कोतवाली एवं बुढेरा पुलिस की सक्रियता, 03 परिवारों में लौटी खुशियां

टीकमगढ़/बुड़ेरा (प्रीती-मिनी खरे) | जिला टीकमगढ़ (Tikamgarh) में पुलिस (Police) मुख्यालय द्वारा संचालित “मुस्कान अभियान” (Muskan Abhiyan) के अंतर्गत गुमशुदा नाबालिगों की खोज एवं उनकी सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।  जिले की पुलिस टीम लगातार संवेदनशीलता, तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

इसी क्रम में थाना बुढेरा में दर्ज अपराध क्रमांक 73/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत गुमशुदा (Missing) नाबालिग बालिका को दिनांक 24 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक खोजकर सकुशल दस्तयाब किया गया। बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल निर्मित हुआ। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बुढेरा उप निरीक्षक मनोज यादव, सहायक उपनिरीक्षक चुन्नू लाल समुद्रे एवं प्रधान आरक्षक हरप्रसाद राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसी प्रकार थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 631/2015 एवं 701/2025 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत गुमशुदा 02 नाबालिग बालिका को भी कोतवाली पुलिस द्वारा दिनांक 24 अप्रैल 2026 को सकुशल खोजकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी निरीक्षक रवि भूषण पाठक, सहायक उपनिरीक्षक उदयराज, प्रधान आरक्षक धरमदास, आरक्षक गौरीशंकर, अजय, बिजेंद्र एवं महिला आरक्षक रामसखी की सक्रिय भूमिका रही।

प्रकरणों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए, पुलिस टीमों ने तकनीकी संसाधनों, साइबर सेल एवं स्थानीय सूचनाओं का समुचित उपयोग करते हुए निरंतर प्रयास कर बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया।

टीकमगढ़ पुलिस द्वारा यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि गुमशुदा बच्चों की खोज एवं उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके।

वर्ष 2026 में अब तक टीकमगढ़ पुलिस द्वारा विभिन्न राज्यों एवं शहरों से 45 से अधिक गुमशुदा नाबालिगों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया जा चुका है, जो पुलिस की प्रतिबद्धता एवं मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।

“नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से ही हम हर बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचा सकते हैं।”



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